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BG 2.20Bhagavad Gītā · ch. 2
न जायते म्रियते वा कदाचिन्
na jāyate mriyate vā kadācin nāyaṃ bhūtvā bhavitā vā na bhūyaḥ .
यह आत्मा किसी काल में भी न जन्मता है और न मरता है और न यह एक बार होकर फिर अभावरूप होने वाला है। यह आत्मा अजन्मा, नित्य, शाश्वत और पुरातन है, शरीर के नाश होने पर भी इसका नाश नहीं होता।।
FearDeathCourageGratitudeImpermanence
BG 18.66Bhagavad Gītā · ch. 18
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज |
sarvadharmānparityajya māmekaṃ śaraṇaṃ vraja .
सब धर्मों का परित्याग करके तुम एक मेरी ही शरण में आओ, मैं तुम्हें समस्त पापों से मुक्त कर दूँगा, तुम शोक मत करो।।
DespairHopeDoubtFear