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BG 1.1Bhagavad Gītā · ch. 1
धृतराष्ट्र उवाच |
dhṛtarāṣṭra uvāca .
धृतराष्ट्र ने कहा -- हे संजय ! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में एकत्र हुए युद्ध के इच्छुक (युयुत्सव:) मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?
DutyDoubt
BG 4.40Bhagavad Gītā · ch. 4
अज्ञश्चाश्रद्दधानश्च संशयात्मा विनश्यति |
ajñaścāśraddadhānaśca saṃśayātmā vinaśyati .
अज्ञानी तथा श्रद्धारहित और संशययुक्त पुरुष नष्ट हो जाता है, (उनमें भी) संशयी पुरुष के लिये न यह लोक है, न परलोक और न सुख।।
DoubtWisdom
BG 18.66Bhagavad Gītā · ch. 18
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज |
sarvadharmānparityajya māmekaṃ śaraṇaṃ vraja .
सब धर्मों का परित्याग करके तुम एक मेरी ही शरण में आओ, मैं तुम्हें समस्त पापों से मुक्त कर दूँगा, तुम शोक मत करो।।
DespairHopeDoubtFear